इक्ष्वाकु कुल (सूर्य वंशी)राजा सगर के प्रपोत्र राजा भागीरथ की अखंड तपस्या से खुश होकर पतित पावनी माता गंगा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को धरती पर अवतरित होने के कारण आज के दिन को गंगा दशहरा कहते हें।
पुराणों के अनुसार गंगा के धरती पर अवतरण के समय 10 (दस)के महाशुभ योग का निर्माण हुआ था। जिसमें ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, कन्या राशि में चंद्रमा और वृषभ राशि में सूर्य था। इन दस प्रकार के शुभ योगों से माता गंगा का धरती पर अवतरण हुआ। इस दिन गंगा नदी में खड़े होकर गंगा स्रोत पढ़ा जाता है। स्कंद पुराण में दशहरा नाम का गंगा स्रोत दिया हुआ है।
कहा जाता है कि आज के दिन गंगा स्नान से कई यज्ञ करने के बराबर पुण्य मिलता हें तथा इस दिन दान का भी विशेष महत्व हें ।
लेखक
डॉ सहदेव सिंह खीची
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