कल तक अखंड भारत के नक्शे के सामने खड़े होकर भारत माता और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट मांग सत्ता में आने वाले केजरीवाल से दिल्ली में दंगे भड़काने से पहले आप पार्षद ताहिर हुसैन ने 9 बार मोबाइल पर बात की थी। ताहिर हुसैन ने दंगे भड़काने से पूर्व अम्मानतुला खान से 54 बार व मनीष सिसोदिया से 18 बार बात की थी, दंगे भड़काने से पूर्व एक पार्षद का मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री से इस तरह बात करना गंभीर साजिश की ओर संकेत करता है!
वैश्विक संकट के दौरान पड़ौसी प्रदेशों के बीमार व्यक्तियों के लिए दिल्ली की सीमा बंद करने और दिल्ली के अस्पतालों में केवल दिल्ली वालों का इलाज करने के लिए जनता की राय मांगने का ढोंग करने वाले ढोंगी केजरीवाल को दिल्ली वालों में ही भेद करने के लिए पहले भी अदालत की फटकार पड़ चुकी हैं लेकिन झूठ का लबादा ओढ़े केजरीवाल दिल्ली की सीमा प्रतिबंधित करने से पहले यह बात भूल जाता हैं कि दिल्ली भारत की राजधानी है, दिल्ली के ज्यादातर अस्पताल और अन्य संसाधन केंद्र सरकार के खर्च से चलते हैं।
दिल्ली देश के एक सौ पैतीस करोड़ लोगों की साझा विरासत है। यहां के अस्पतालों पर केंद्र का यानी पूरे देश का पैसा लगा है। दिल्ली वासियों को मुफ्त बिजली,पानी, शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने का झुनझुना बजाने वाला मुख्यमंत्री कोरोना संकटकाल के दौरान अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए केंद्र से पांच हजार करोड़ रुपए की माँग करते समय यह भूल जाता है,कि बाहर के मरीजों के लिए दिल्ली की सीमा सील करने जैसी घिनौनी हरकत कर वे दिल्ली वासियों में शेष भारत के नागरिकों के प्रति वैमनस्य के भाव पैदा कर रहा है!
लेखक
गंगासिंह
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