"नेहरू की गलतियों का दंश और राहुल की सियासी नौटंकी"
देश का विपक्ष शत्रु पक्ष द्वारा फैलाई गई झूठी खबरों पर विश्वास कर देश की जनता को उद्वेलित करने का कोई अवसर हाथ से जाने नहीं देना चाहता।
सामान्य से भी कम समझ रखने वाला राहुल लद्दाख़ में चीनियों द्वारा अवैध कब्जे के नाम पर मोदी सरकार को अस्थिर करने की भरपूर कोशिश कर रहा हैं लेकिन भारतवर्ष का प्रबुद्ध वर्ग अच्छी तरह से जानता है कि वर्तमान राष्ट्रीय नेतृत्व देश की सीमाओं के साथ छेड़छाड़ नहीं होने देगा।
वैसे देश का प्रबुद्ध वर्ग राहुल/और राहुल को ज्ञान देने वालों से पूछना चाहता हैं कि वह राहुल को यह भी तो बताए कि सिगार के कस खीचने वाला और एडविना के मोहपाश में फंसे नेहरू की अज्ञानता षडयंत्र के कारण चीन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिली, अमेरिका के विरोध के बावजूद तिब्बत को चीन का हिस्सा मानने वाला नेहरू ही था, अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि पाने की लालसा में पंचशील समझौते का गीत गाते गाते नेहरू ने 1957 में सिक्यांग- तिब्बत सड़क (अक्साई चीन होते हुए) बनने का चीन को अवसर प्रदान किया, विदित रहे अक्साई चीन भी भारत का ही हिस्सा था!
1962 में चीन ने नेहरू की मूर्खता के कारण भारत की 38000 स्क्वायर किलोमीटर जमीन कब्जे कर ली। इसी तरह 1948 में पाकिस्तान ने भारत की 78000 स्क्वायर किलोमीटर जमीन हथिया ली थी, जिसे वापस लेने का नेहरू पंथियों ने कभी प्रयास ही नहीं किया!
सशस्त्र बलों के 9 सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी राहुल की इस सियासी नौटंकी की आलोचना की है!
लेखक
गंगा सिंह
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