2018 के दिसम्बर माह में शपथ लेने के बाद से राजस्थान में अपराधियों के हौंसले बुलंद हुए है। आए दिन हत्या, लूट, बलात्कार जैसी खबरें आना आम बात हो गयी है। इन सबके बीच राजस्थान पुलिस के आंकड़ों से खुलासा हुआ कि दलित उत्पीड़न के मामलों में वर्ष 2019 में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
इंडियन एक्सप्रेस ने इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रकाशित की।इस रिपोर्ट में राजस्थान पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2019 में, राजस्थान में एससी / एसटी के खिलाफ अत्याचार से संबंधित कुल 8,591 मामले दर्ज हुए जो पिछले एक दशक में सर्वाधिक है।
हाल ही में, नागौर जिले में दो दलित युवकों पर कथित तौर पर चोरी के संदेह में हमला किया गया था, और उनमें से एक के गुप्तांग में एक पेचकश डाले जाने का मामला भी सामने आया था।
पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि 2018 की तुलना में 2019 में एससी/एसटी के खिलाफ अत्याचार में 50.67 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जब कुल मामलों की संख्या 5,702 थी। डेटा से दलितों के खिलाफ अपराधों में 47.47 प्रतिशत की वृद्धि की बात भी सामने आई है।
राज्य ने 2019 में दर्ज किए गए आईपीसी मामलों की कुल संख्या में 2018 की तुलना में 31.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अकेले 2019 में ही 2,25,306 मामले IPC से सम्बंधित अपराधों के दर्ज हुए है।



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