"गांधी" सिर्फ एक व्यक्ति नहीं एक विश्वभर में फैला एक विचार है। "गांधी" नाम के व्यक्ति की देह को तो 1948 में नाथूराम गोडसे ने मार दिया लेकिन आज उस "गांधी" विचार को भी मौत के घाट उतारने का क्रम अनवरत जारी है। और ये काम कोई और नहीं वहीं कांग्रेस कर रही है जिसे खत्म करने की बात खुद महात्मा गांधी ने भी कही थी।
गांधीजी जीवन पर्यंत शराबबंदी के लिए लड़ते रहे, झगड़ते रहे, प्रयत्न करते रहे, आग्रह करते रहे और आज देखिए गांधीजी के नाम पर 70 सालों से सत्ता की मलाई चाटने वाले लोग गोडसे की आड़ में कदम दर कदम गांधी जी की हत्या की जा रहे हैं ।
विपक्ष में रहते गहलोत तत्कालीन भाजपा सरकार से शराबबंदी की मांग करते रहते थे लेकिन खुदका शासन आने पर खुद अपनी वो मांग भूल गए!
अशोक गहलोत ने शराबबंदी नहीं करने के लिए वसुंधरा राजे सरकार को कोसाhttps://t.co/BPYoJQz4GR???— News18 India (@News18India) May 7, 2017
पहले राजस्थान के "स्वघोषित गांधी" मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी और अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी लगातार शराब खोरी को बढ़ावा दे रहे हैं नए-नए लालच दे रहे हैं।
परिवार का आधार महिलाएं है। महिलाएं अब तक इस व्यसन से बची हुई थी। लगता है विदेश षडयंत्रो के शरणागत इन लोगों को भारत की परिवार व्यवस्था को नष्ट करना है, इसलिए शराब सेवन के लिए महिलाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। उनके लिए विशेष दुकानें लगाई जा रही है, विशेष छूट दी जा रही है ।
शराब सेवन को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान के स्वयंभू गांधी अशोक गहलोत पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि अब देसी शराब को भी अंग्रेजी शराब की आकर्षक पैकिंग में बेचा जाएगा।
शराब को बढ़ावा देने के लिए और भी कई प्रावधान किए गए। शराब के ठेकेदारों को ब्लैकमेल करने के लिए पहले एक टीम बनाकर अध्ययन करने के लिए बिहार भेजी गई, दावा किया गया हम शराबबंदी करना चाहते हैं।
#Jaipur बिहार की तरह राजस्थान में भी होगी शराबबंदी-CM गहलोत#RajasthanOnZee #ZeeRajasthan #RajasthanNewsWithZee pic.twitter.com/zcgWRo99kh— Zee Rajasthan News (@zeerajasthan_) November 3, 2019
और इस धमकी के नाम पर बहुत बड़ी राशि ऐंठी गई, ठीक वैसे ही जैसे 2 अक्टूबर को 3 दिन के लिए गुटके पर प्रतिबंध लगाने के नाम पर अकूत भ्रष्टाचार किया गया था।
गांधी जयंती पर गहलोत सरकार की बड़ी घोषणा, तम्बाकू, पान मसाला और फ्लेवर्ड सुपारी पर प्रतिबंध #Jaipur #GandhiJayanti #tobacco @RajCMO @ashokgehlot51 @RaghusharmaINC https://t.co/2NSX2yd5wm— First India News Rajasthan (@1stIndiaNews) October 2, 2019
गांधीजी के 150वीं जयंती वर्ष पर कांग्रेस सरकारों ने संभवत: गांधी जी के विचारों की हत्या करके ही बापू को श्रद्धांजलि देने का प्रस्ताव पारित कर रखा है। इसीलिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री महिलाओं में शराब सेवन को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष दुकानें लगा रहे हैं, छूट दे रहे हैं प्रदेश में टैक्स फ्री भी कर रहे हैं और यही हाल राजस्थान में शिक्षा का कर रखा है ।
महात्मा गांधी जीवन पर्यंत मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा मिले उसके लिए प्रयास करते रहे, आग्रह करते रहे और बुनियादी शिक्षा के रूप में शिक्षा एक ऐसा मॉडल भी खड़ा किया।
वे अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के घोर विरोधी थे। अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को उन्होंने निकम्मा बनाने की साजिश और प्रतिभा की हत्यारी तक कहा है ।
हिंद स्वराज पुस्तक में उन्होंने विस्तार से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के बारे में खूब आलोचना की है और इधर राजस्थान में उनके जन्म के 150 वर्ष में राज्य की जमी जमाई स्थापित अच्छी स्कूलों को एक आदेश में अंग्रेजी माध्यम में तब्दील कर दिया गया।
गोडसे ने गांधी जी को कुछ क्षण की तड़प दी होगी किंतु कांग्रेस नीत सरकार गांधी और गांधीवाद को पल-पल, नोच-नोच कर, तड़पा-तड़पा कर समाप्त करने में लगे हैं। शायद यही उनका गांधीवाद है और यही उनकी गांधीजी को "श्रद्धांजलि" है।







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