पिछले लम्बे समय से कश्मीर मसले पर इस्लामिक देशों के संगठन OIC के काउंसिल ऑफ फॉरन मिनिस्टर्स की बैठक बुलाने की मांग को लेकर पाकिस्तान जगह जगह गुहार लगाता रहा है लेकिन OIC के अग्रणी देशों में शामिल सऊदी अरब ने मीटिंग बुलाने पर अपनी अनिच्छा जाहिर कर पाकिस्तान को झटका दिया है।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी किए जाने पर भारत को घेरने की कोशिश में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बार-बार अपनी बेइज्जती करवा रहा है। वह इसे मुसलमानों का मुद्दा बनाकर पेश करने की कोशिश में बार-बार मुंह की खा रहा है। यहां तक कि दुनिया के 57 मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने भी पाकिस्तान के रुख को तवज्जो नहीं दी है और अब संगठन पर सबसे मजबूत पकड़ रखने वाले देश सऊदी अरब ने भी उसे खरी-खरी सुना दी है।
पाकिस्तान को सऊदी अरब की खरी-खरी
पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार पाकिस्तान ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के काउंसिल ऑफ फॉरन मिनिस्टर्स (CFM) की आपातकालीन बैठक बुलाने का निवेदन किया था। पाक के इस निवेदन को सऊदी अरब ने अस्वीकार कर कड़ा रुख दिखाया और पाकिस्तान की इस जिद पर उसे खरी-खोटी सुनाई है।
इस्लामाबाद में OIC के काउंसिल ऑफ फॉरन मिनिस्टर्स से सपॉर्ट हासिल करने में नाकामयाब रहने के चलते बेचैनी बढ़ी है। कश्मीर पर मुस्लिम देशों के 57 सदस्यों ने चुप्पी साध रखी है। पाक पीएम इमरान खान ने मलयेशिया में अपने हालिया दौरे पर इसके खिलाफ अपनी भड़ास निकाली थी।
इस्लामिक देशों की चुप्पी पर बिफरे इमरान
'कश्मीर पर चुप्पी के कारण हमारी आवाज में ताकत नहीं है और हम पूरी तरह से बंटे हुए हैं। हम कश्मीर पर OIC मीटिंग कर साथ तक नहीं आ सकते।' - इमरान खान
पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 निष्प्रभावी किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान OIC विदेश मंत्रियों से बैठक पर जोर दे रहा है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएफएम मीटिंग की जरूरत बताते हुए कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर इस्लामिक देशों द्वारा एक स्पष्ट संदेश दिया जाना जरूरी था।



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