जिस उद्घोष के साथ देश के वीर सपूत अपना सर्वोच्च बलिदान देते है, बच्चे राष्ट्रभक्ति सीखते है, जिसके उच्चारण से राष्ट्रभक्तों का रक्त उबाल लेने लगता है "भारत माता की जय" के उस उद्घोष को एक बार फिर विवादों में डालने का प्रयास देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा किया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का एक बयान सामने आया जिसमें वे "भारत माता की जय" के नारे को उग्रवादी विचारों के निर्माण करने वाला बता रहे है। हालांकि सिंह ये बताना भूल गए कि विश्व के बड़े बड़े आतंकी हमला या बम विस्फोट करने से पहले और बाद में कौनसा नारा लगाते है।
भारत के उग्रवादी विचार के निर्माण के लिए राष्ट्रवाद, 'भारत माता की जय' नारे का हो रहा है गलत इस्तेमाल : मनमोहन सिंहhttps://t.co/9iWahA20C9— NDTVIndia (@ndtvindia) February 22, 2020
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर आधारित एक पुस्तक के ‘हू इज भारत माता' नामक पुस्तक जिसमें नेहरू की पुस्तकें: ऑटोबायोग्राफी, ग्लिम्पसेज ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री और डिस्कवरी ऑफ इंडिया, आजादी से पहले और बाद के उनके भाषण, लेख, पत्र तथा कुछ सनसनीखेज कुछ साक्षात्कार हैं, के विमोचन समारोह में बोलते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि ‘‘ऐसे समय में इस पुस्तक की खास प्रासंगिकता है जब राष्ट्रवाद और भारत माता की जय के नारे का भारत के उग्रवादी एवं विशुद्ध भावनात्मक विचार के निर्माण के लिए दुरूपयोग किया जा रहा है, एक ऐसा विचार जिसमें लाखों बाशिंदे और नागरिक शामिल नहीं हैं।''
मनमोहन सरकार के दौरान पहले भी हुए है हिन्दुओं को आतंकी साबित करने के प्रयास-
मनमोहन सिंह सरकार के दौरान हुए आतंकी हमलों का लिंक किसी न किसी तरह से हिन्दुओं एवं RSS से जोड़ "हिन्दू आतंकवाद" की कांग्रेसी परिकल्पना को साबित करने का प्रयास कई बार किया गया।
26 नवम्बर, 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पकड़े गए आतंकी कसाब के हाथ में बंधा कलावा एवं उसे दिया गया समीर चौधरी नाम का आईडी कार्ड पाकिस्तान की हिन्दुओं को बदनाम करने की साज़िश का खुलासा करने को काफी है। हाल ही में मुंबई के पूर्व कमिश्नर की पुस्तक में इस बात का खुलासा किया गया जिसके बाद कसाब के खिलाफ सरकार की पैरवी करने वाले प्रसिद्ध वकील उज्ज्वल निकम ने भी इस बात की पुष्टि की कि आतंकी हमले में मारे गए सभी आतंकियों के पास हिन्दू नाम से आईडी कार्ड था।
#WATCH U Nikam, Special Public Prosecutor in 26/11 Mumbai terror attack case:..We had presented 10 IDs before court,they were fake. It's true that the IDs carried Hindu names.Kasab had given statement in Mumbai court which proved that the 10 accused had 10 fake IDs...We proved it pic.twitter.com/wls4rWRj0V— ANI (@ANI) February 19, 2020
पाकिस्तान के नक्शे कदम पर चलते हुए उस समय दिग्विजयसिंह द्वारा 26/11 को आरएसएस की साज़िश साबित करने के लिए "आरएसएस की साज़िश-26/11" नामक पुस्तक भी रिलीज की गई थी। वहीं कर्नल पुरोहित एवं साध्वी प्रज्ञा को भी इसीलिए आतंक का आरोपी बनाया गया था।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह "भारत माता की जय" को तो "उग्रवादी" विचार बता गए लेकिन वे उस नारे का उल्लेख करना भूल गए जिसे विश्व भर के कुख्यात आतंकी हमला करते, किसी होस्टेज का सिर कलम करते समय बोलते है... उस नारे से जुड़ी खबरों के कुछ स्क्रीनशॉट मनमोहन सिंह जी को समर्पित..
आशा है "भारत माता की जय" के नारे को उग्रवादी नारा बताने वाले मनमोहन सिंह जल्द ही आतंकियों के उस "विश्व प्रसिद्ध" नारे पर भी अपने विचार रखेंगे।









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